राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कालका-शिमला हाईवे का निरीक्षण किया।
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग को चक्की मोड़ के समीप सेब से लदे ट्रकों के लिए भी खोलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भले ही अन्य वाहनों को रोक लें, मगर सेब से लदे ट्रकों को न रोका जाए। सेब सीजन जोरों पर है और इस पर प्रदेश की काफी आर्थिकी निर्भर है।
राज्यपाल ने चक्की मोड़ के समीप भारी भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क का जायजा लिया। वह कुरुक्षेत्र जाते समय कुछ देर तक एनएच पर रुके थे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक एके दहिया ने भारी वर्षा से राष्ट्रीय राजमार्ग 5 को हुए नुकसान की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि चक्की मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठीक करने में 30 से 45 दिन का समय लगेगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर सड़क ढही है, उससे करीब 500 मीटर पीछे रेलवे सुरंग है। अब तक जो पता लगा है, यहां पर रेलवे सुरंग का मलबा था। मलबे पर सड़क बनी थी, जिस कारण बारिश में यह ढह गई है।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करें
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि सेब सीजन को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारु रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएं। कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 5 देश में आवश्यक आपूर्ति करने और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण है।
भारी बारिश से हुआ नुकसान
राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक विभीषिका के कारण प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह भूस्खलन एवं बादल फटने से व्यवस्थाएं छिन्न-भिन्न हुई हैं। वह स्वयं अनेक स्थानों का दौरा कर क्षति का जायजा ले रहे हैं। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अवगत करवाया कि सोलन जिले में अभी तक भारी वर्षा से लगभग 526 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है।