31 जुलाई, 2006 को उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 9 नवंबर, 2009 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 27 अप्रैल, 2016 को उन्हें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया। एक जनवरी, 2019 को तेलंगाना उच्च न्यायालय का इन्हें न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह में विधानसभा अध्यक्ष राजीव बिंदल, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, उत्तराखंड के मुख्य न्यायधीश रमेश रंगानाथन, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायधीश, मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डीवीएस राणा, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट सहित विभिन्न निगमों व बोर्डों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।