शिमला से ताल्लुक रखने वाले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता अब सुप्रीम कोर्ट के जज होंगे। कानून मंत्रालय ने उनके नाम को क्लीयर कर लिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर रहने से पहले वह त्रिपुरा हाईकोर्ट में भी इस पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
जस्टिस दीपक गुप्ता का जन्म जिला कांगड़ा के नूरपुर में 7 मई 1955 को हुआ। मूलत: वह शिमला के रहने वाले हैं जबकि नूरपुर में उनके ननिहाल है। दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ करने के बाद उन्होंने हिमाचल हाईकोर्ट में प्रेक्टिस शुरू की थी और 2004 तक प्रेक्टिस की थी। इस दौरान उन्होंने कई विभागों के मामलों की पैरवी की।
जस्टिस गुप्ता के पिता स्व एमआर गुप्ता भी जाने-माने वकील थे और वह शिमला में ही प्रेक्टिस करते थे। जस्टिस दीपक गुप्ता को अक्तूबर 2004 में हिमाचल हाईकोर्ट में जज के रूप में तैनाती मिली। वह 3 जून 2007 से 10 जुलाई 2007 तक और फिर 24 नवंबर
2007 से 9 दिसंबर 2007 हिमाचल हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस भी रहे। जस्टिस गुप्ता हिमाचल हाईकोर्ट के ग्रीन बैंच के भी प्रमुख थे। जस्टिस गुप्ता 23 मार्च 2013 को त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे और 2016 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर ट्रांसफर हुए।