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Shimla News: जुन्गा को नहीं मिला अभी तक नगर पंचायत का दर्जा

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चार हजार से अधिक क्षेत्र की आबादी
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पूर्व भाजपा सरकार ने की थी घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। बीते कई वर्षों से जुन्गा कस्बा को नगर पंचायत बनाने की मांग स्थानीय लोग कर रहे हैं लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इसे पूरा नहीं किया है। हालांकि जुन्गा कस्बा नगर पंचायत बनने के सभी मापदंड पूरा करता है।
शहर के बुद्विजीवी वर्ग का कहना है कि जुन्गा की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए जुन्गा को शहरी निकाय का दर्जा दिया जाना आवश्यक है। जुन्गा के पंकज सेन, राकेश कुमार, दीपक ठाकुर, दुर्गा सिंह और बाबूराम सहित व्यापार मंडल के सदस्यों का कहना है कि सभी सरकारों ने जुन्गा के साथ सौतेला व्यवहार किया है। वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के 12 छोटे-बड़े कस्बों को नगर पंचायत का दर्जा दिया है। इनमें सिरमौर के रेणुका का संगड़ाह क्षेत्र भी शामिल है। इनका कहना है कि जब संगड़ाह को नगर पंचायत का दर्जा मिल सकता है तो जुन्गा के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार वर्तमान में जुन्गा शहर की आबादी करीब चार हजार हो गई है। इसके अलावा जुन्गा में पुलिस बटालियन, राज्य स्तर की फोरेंसिक विज्ञान लैब, सिविल अस्पताल, लोक निर्माण, विद्युत, तहसील, आईटीआई, शिक्षण संस्थान सहित अनेक कार्यालय भी हैं। शहर में सफाई व्यवस्था रामभरोसे हैं। व्यापार मंडल अपने स्तर पर सफाई करवाता है। स्थानीय पंचायत का कोई रोल नहीं है। जुन्गा बस स्टैंड पर एक शौचालय है।
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कर्मचारी न होने से शौचालय गंदगी से भरे रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2020 में पूर्व सीएम जयराम ठाकुर और पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जुन्गा के प्रवास के दौरान इस कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा की थी जोकि अभी तक पूरी नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र से मंत्री होने के बावजूद भी जुन्गा और कोटी को अभी तक शहरी निकाय का दर्जा नहीं मिल पाया है। शहर में भवनों का निर्माण मनमर्जी से हो रहा है, शहर में किसी प्रकार नगर नियोजन एक्ट भी नहीं लगता है।
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