आयुष विभाग में 30 बिस्तर अलग से होंगे। यहां आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार होगा। 15 ऑपरेशन थियेटर के अलावा 20 स्पेशियलिटी और सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे। हर साल 100 एमबीबीएस डॉक्टर तैयार होंगे।
प्रतिवर्ष 60 नर्सें ट्रेनिंग करेंगी। इससे प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और नर्सों के पद भरने में मदद मिलेगी। दिल्ली एम्स की तर्ज पर कई रेजिडेंशियल कांप्लेक्स भी बनेंगे।
ये सभी सुविधाओं और सेवाओं से सुसज्जित होंगे। एम्स परिसर में हेलीपैड भी बनेगा। उधर, जिला भाजपा सचिव स्वदेश ठाकुर ने बताया कि चारदीवारी का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
बाकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब एम्स के निर्माण की शुरुआत भी होने जा रही है। इसे 48 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लिहाज से जनवरी 2023 तक कोठीपुरा में एम्स बनकर तैयार हो जाएगा।