भारतीय सेना और आईटीबीपी के संयुक्त ट्रैकिंग और साइकिलिंग अभियान
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भारतीय सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से संयुक्त ट्रैकिंग और साइकिलिंग अभियान पर निकले हैं। भारतीय सेना और आईटीबीपी के संयुक्त ट्रैकिंग और साइकिलिंग अभियान को सोमवार को कमांडर (त्रिपिक) ब्रिगेडियर ग्रुप ने पूह से हरी झंडी दिखाई।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वितीय वाहिनी के कमांडेंट कुशल कुमार बताया कि समाज को विभिन्न मुद्दों पर जागरूक करने के साथ अभियान का उद्देश्य भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और भारतीय सेना के बीच आपसी तालमेल तथा सहयोग को बढ़ाना है। इससे दोनों का मनोबल विकसित होने में मदद मिलेगी। एक दूसरे के तौर-तरीकों को जानने का अवसर भी मिलेगा।
कहा कि अभियान में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से द्वितीय वाहिनी कुल्लू और भारतीय सेना की 16 पंजाब (पटियाला) वाहिनी के तीन अधिकारी हैं। इनमें एक महिला अधिकारी भी हैं। इनके अलावा दो अधीनस्थ अधिकारी और 12 जवान भाग ले रहे हैं। अभियान स्पीति घाटी के दुर्गम, संकरे एवं जोखिम भरे मार्गों से गुजरेगा। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले भाग में संयुक्त अभियान दल बातल से बारालाचा तक की दूरी चार दिन की पैदल यात्रा करते हुए पूरी करेगा। दूसरे चरण में यह दल बारालाचा दर्रे से कुल्लू स्थित बबेली तक दूरी साइकिल से पूरा करेगा। बवेली में संयुक्त दल का अभियान संपन्न होगा। लाहौल-स्पीति के दूरदराज क्षेत्रों में नागरिकों के बीच स्वास्थ्य, स्वच्छ भारत तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से जिस्पा और शिशु गांवों में निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे।