प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने सरकार से राज्य बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 700 पदों को तुरंत बहाल करने की मांग की है।
हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और वित्त सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने सरकार से राज्य बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 700 पदों को तुरंत बहाल करने की मांग की है। गुरुवार को जारी प्रेस बयान में महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बोर्ड में पद समाप्त करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी विभाग में स्वीकृत पदों को खत्म करने से पहले उस विभाग के कर्मचारी संगठनों से बात की जाए। उन्हें विश्वास में लेकर ही पदों को समाप्त करने की दिशा में आगे पहल करनी चाहिए, जिससे कर्मचारियों और सरकार के बीच एक सौहार्द पूर्ण माहौल बना रहे।
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महासंघ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओपीएस का कोई भी विकल्प नहीं है। यूपीएस को प्रदेश के कर्मचारी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की लोकप्रियता ओपीएस बहाली के कारण ही हुई है। अगर ओपीएस को हटाकर यूपीएस को लागू करते हैं तो इसका समूचे प्रदेश में विरोध होगा। महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में सभी विभागों में कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। पदोन्नतियां भी एक साल से नहीं हुई हैं। इस दिशा में सरकार को पहल करते हुए सभी विभागों में हर वर्गों के कर्मचारियों की पदोन्नतियां शीघ्र करनी चाहिएं, जिससे कर्मचारियों मे चल रहे असंतोष को खत्म किया जा सके।