वित्त कमेटी, ईसी में हुए फैसलों को लागू करने की मांग अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में चल रहे ईसी सदस्यों के धरने का संयुक्त समन्वय समिति ने भी समर्थन किया है।
वित्त कमेटी और कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में हो चुके कर्मचारियों की लंबित मांगों के फैसलों को लागू न करने से खफा ईसी सदस्य सुनील दत्त और कोर्ट सदस्य सुरेश कुमार वर्मा प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे हैं। जेसीसी के पदाधिकारी भी वीरवार को दूसरे दिन इन सदस्यों के साथ कुछ समय के लिए धरने पर बैठे। ईसी सदस्य सुनील दत्त और कोर्ट सदस्य सुरेश कुमार वर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन जानबूझ कर मांगों को लटका रहा है। वित्त कमेटी और ईसी की बैठक से विवि की अधिकतर कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को स्वीकृति मिली है लेकिन प्रशासन कर्मचारी हितों से जुड़ी मांगों पर फैसला नहीं ले रहा है। इससे कर्मचारियों को जो लाभ मिलने चाहिए थे वह उनसे वंचित रह रहे हैं।कुलसचिव दो दिन के अवकाश पर चले गए हैं जिससे बैठकें नहीं करवाई गईं जबकि कार्यवाहक कुलसचिव भी इन बैठकों को करवा सकते थे। इससे जाहिर है कि निर्णायक सर्वोच्च संस्था कार्यकारिणी परिषद सदस्य और कोर्ट सदस्य के धरने को गंभीरता से न लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के नकारात्मक रवैया ही नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि उनका यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सभी फैसलों को लागू नहीं किया जाता।
यह हैं मुख्य मांगें ईसी और कोर्ट सदस्यों ने बताया कि मुख्य मांगों में अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों की आरपीसी की बैठक करवाकर पदोन्नति आदेश जारी करने, तीन सहायक लाईब्रेरियन के पदों को डाउनग्रेड कर सीनियर प्रोफेशनल सहायक के रूप में तैनात करने, मेस हेल्पर को ओवरटाइम देने, तकनीशियन की सैलरी बढ़ाने, हेड कुक के आरएंडपी नियमों में बदलाव करना, विवि मॉडल स्कूल में पदों सृजित करने और भर्ती को शुरू करना शामिल हैं।