बीफार्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय जोगिंद्रनगर
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हिमाचल प्रदेश के एकमात्र बीफार्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय जोगिंद्रनगर में एमफार्मा की पढ़ाई की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। अब प्रशिक्षुओं को दाखिले के लिए गुजरात और पंजाब की दौड़ नहीं लगानी होगी। महाविद्यालय प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरा कर 2023-24 के सत्र में आरक्षित दस सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश थमन ने बताया कि फार्मास्यूटिकल विषय में एमफार्मा की पढ़ाई के लिए आरक्षित दस सीटों के दाखिले इसी सत्र में शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। बताया कि बीफार्मा महाविद्यालय के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। बताया कि अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक मंडी से संबद्धता मिलने के बाद विभाग की संयुक्त टीम ने इसका निरीक्षण कर अधिकांश औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अप्रैल में नए सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य रखा है।
2010 में अस्तित्व में आए आयुर्वेदिक बीफार्मा महाविद्यालय की संबद्धता इससे पहले हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन थी। मौजूदा समय में 120 प्रशिक्षु बीफार्मा आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। प्राचार्य ने बताया कि बीफार्मा के विषय की भी सीटों में बढ़ोतरी कर इसे 40 तक पहुंचा दिया है। मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में बीफार्मा आयुर्वेदिक महाविद्यालय फार्मासिस्ट प्रशिक्षण केंद्र की सौगात पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर ने दी थी। बीते दस सालों में आठ शैक्षणिक सत्रों में तीन सौ से अधिक प्रशिक्षु पासआउट होकर आयुर्वेदिक के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। आयुर्वेदिक बीफार्मा के प्रशिक्षण के लिए यहां कक्षाओं के लिए भवन, प्रयोगशाला की सुविधाएं मौजूद हैं। चार साल के फार्मासिस्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश भर से प्रशिक्षु बीफार्मा का प्रशिक्षण लेने के लिए पंजीकरण करवाते हैं। अब एमफार्मा की पढ़ाई का लाभ भी प्रदेश भर के प्रशिक्षुओं को मिलेगा।