विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में भर्तियों से जुड़े सारे रिकॉर्ड को सील कर दिया है। एसआईटी ने पिछले चार दिन की विजिलेंस कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट भी अपने कब्जे में ले ली है। जेओए आईटी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में नामजद चयन आयोग की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके बेटे निखिल आजाद, घर पर काम करने वाले नौकर नीरज कुमार, दलाल संजीव कुमार, अभ्यर्थियों तनु शर्मा और अजय शर्मा से एसआईटी ने मंगलवार को करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ की। अब बुधवार को इन सभी आरोपियों को दोबारा हमीरपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसआईटी ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में उनके हाथ जो सबूत लगे हैं, उनसे और कई खुलासे हो सकते हैं। इसलिए न्यायालय से इन सभी आरोपियों का पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी। विजिलेंस ने उमा आजाद के घर से जेओए आईटी के प्रश्नपत्र के अलावा जूनियर ऑडिटर और कंप्यूटर ऑपरेटर के प्रश्नपत्र भी बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपी के घर से 7.90 लाख रुपये बरामद किए हैं। अब एसआईटी आयोग के कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज, उमा आजाद तथा सचिव के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। आयोग के सचिव से भी करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई।
उधर, एसआईटी प्रमुख एवं डीआईजी विजिलेंस जी शिवा कुमार ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ की गई है। बुधवार को न्यायालय से पुलिस रिमांड बढ़ाने की गुजारिश की जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आयोग में सदस्यों की नियुक्ति को लेकर भी सख्त निर्णय ले सकती है प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिस तरह से इस मामले में एक्शन लिया है, उसकी प्रदेश भर में चर्चा है। अब माना जा रहा है कि आयोग के गैर जरूरी सदस्यों को हटाने के बारे में भी सरकार निर्णय ले सकती है।