निशानेबाजी में नेशनल चैंपियन बनीं रोहड़ू की जीना खिटटा ने आठवीं कक्षा में राइफल थाम ली थी। अठारह साल की उम्र में यूथ शूटिंग चैंपियनशिप में जीना ने दुनिया की तीसरे रैंकिंग की निशानेबाजी अपूर्वी चंदेला को हराया। अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जीना कई मेडल जीत चुकी हैं। जीना खिट्टा का निशानेबाजी का सफर आठवीं कक्षा से शुरू हुआ।
रोहडू में अराधना शूटिंग क्लब के कोच वीरेंद्र बांष्टू ने इन्हें प्रशिक्षण दिया। आजकल भी जीना को विरेंद्र बांष्टू ही शूटिंग की कोचिंग दे रहे हैं। दसवीं कक्षा तक जीना रोहडू में अराधना पब्लिक स्कूल की छात्रा रहीं। आजकल डीएवी चंडीगढ़ के सेक्टर दस में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। जीना के पिता पृथ्वी राज खिटटा बागवान के साथ राजनीति में भी सक्रिय रहते है। उनकी माता गृहिणी हैं।
जीना की अब तक उपलब्धियां
2017 में पुणे में एसजीएफआई शूटिंग में कांस्य पदक और इसी साल नई दिल्ली में नॉर्थ जोन शूटिंग में रजत पदक जीता। इसी साल केरले में नेशनल शूटिंग में एक रजत और कांस्य जीता। पिछले साल देहरादून में नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप में तीन अलग-अलग वर्गों में तीन स्वर्ण अपे नाम किए।
चंडीगढ़ में खेलो इंडिया स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जून- 2018 में भारत की ओर से खेलते हुए कांस्य पदक हासिल किया। इस साल कतर के दोहा में चौथी एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। जीना के पिता पृथ्वी राज खिटटा ने बताया कि बेटी को बचपन से ही निशानेबाजी का शौक था।