दिल की बीमारी से बेशक जिया लाल पटियाल हार गए लेकिन वे सबके लिए मिसाल बन गए हैं। अब लोगों के दिल में बसते हैं। मौत से पहले सोलन के जिया लाल ने देह दान कर दी। जिया लाल दस मई को आईजीएमसी में भर्ती हुए थे।
31 मई को ये जिंदगी से जंग हार गए। मौत से पहले इन्होंने देह दान की इच्छा जाहिर की, इस पर परिजनों ने भी हामी भर दी। तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। एक जून को इनकी देह ऐनोटॉमी विभाग के सुपुर्द कर दी गई।