ऐसे में अब सभी जिलों से आंकड़े जुटाकर सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के 1421 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पर्याप्त नहीं है। इन स्कूलों में आरटीई एक्ट लागू ही नहीं हो रहा है।
कई स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं जबकि शहरी क्षेत्रों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षक अधिक हैं। आरटीई एक्ट के मुताबिक स्कूलों में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात बेहद कड़ा है।
30 छात्रों पर एक शिक्षक का प्रावधान एक्ट में है। इसके तहत 1 से 60 विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में दो, 61 से 90 विद्यार्थियों की संख्या पर तीन और 91 से 120 विद्यार्थियों के लिए चार शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।