हिमाचल में भी अब जापानी बुखार की जांच हो सकेगी। प्रदेश में पांव पसार रहे जापानी बुखार (जापानी इंसेफलाइटिस) की जांच अब आईजीएमसी में भी हो सकेगी। सरकार के निर्देश पर आईजीएमसी प्रशासन इस बीमारी की जांच को लैब तैयार कर रहा है।
लैब के तैयार होने तक संभावित मामला आने पर सैंपल की जांच स्थानीय लाल पैथ लैब में कराने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने समन्वय किया है। स्वास्थ्य विभाग ने यह कवायद अमर उजाला में सोमवार के अंक में आईजीएमसी में दिमागी बुखार पर लगने वाला इंजेक्शन नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद की है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य बीके अग्रवाल ने बताया कि जापानी बुखार में कोई खास इंजेक्शन नहीं लगाया जाता, बल्कि महामारी या केंद्रीय टीम की ओर से निर्देश मिलने पर संबंधित क्षेत्र में वैक्सीनेशन किया जाता है।