दिल्ली से ऊना तक चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस एक बार फिर जब्त होते-होते बची। बसाल क्षेत्र के एक किसान को भूमि अधिग्रहण का 5.69 लाख मुआवजा न देने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उत्तर रेलवे की करोड़ों की संपत्तियों को उसके हवाले करने के मौखिक आदेश दे दिए। हालांकि, ऐन मौके पर रेलवे के अधिवक्ता की ओर से संपत्ति जब्त न करने की विशेष अर्जी दाखिल करने पर कोर्ट ने अपना फैसला रोक लिया।
रेलवे को एक सप्ताह में मुआवजा देने का समय दिया। अदालत के आदेश पर ऊना रेलवे स्टेशन और जन शताब्दी एक्सप्रेस का पूरा ब्योरा और इससे संबंधित कागजात सुनवाई के दौरान मौजूद थे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश बंसल की अदालत में बसाल निवासी गगना राम की जमीन संबंधी मामले की सुनवाई हुई।