इसके बाद इसे बैंक में जमा कराना होता था जिसके आधार पर बैंक लोन रिलीज करते थे। लोगों की इसी दिक्कत को देखते हुए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने पर चर्चा हुई।
इसके बाद राजस्व विभाग ने बैंकों और एनआईसी के साथ मिलकर ऑनलाइन चार्ज बनाने के लिए पोर्टल तैयार किया। अब लोन के आवेदन के बाद बैंक ऑनलाइन ही राजस्व विभाग को जमाबंदी के लिए आवेदन कर देगा।
इसके बाद राजस्व विभाग भी ऑनलाइन ही संबंधित जमीन पर अपनी टिप्पणी कर देगा। राजस्व विभाग के निदेशक देवा सिंह नेगी ने बताया कि इस प्रक्रिया के लागू होने से लोगों को अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।