लोगों को रोजाना झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
बसें दिन में 5 की जगह लगा पा रही हैं 2 ही चक्कर संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में रोजाना लग रहा जाम आम लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। तीन से चार किलोमीटर के सफर जहां 10 से 15 मिनट लगते हैं वहां अब जाम में फंसे रहने से घंटों में यह दूरी तय हो रही है।
जाम के कारण बसों के रूट भी फेल हो रहे हैं। शहर में आधे से पौना घंटा देरी से बसों का संचालन हो रहा है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के विक्ट्री टनल, एमएलए क्रॉसिंग, आरटीओ, विधानसभा, सर्कुलर रोड, संजौली, नवबहार, छोटा शिमला, न्यू शिमला में बुधवार को भारी जाम लगा रहा। सुबह 8:30 बजे से ही शहर में जाम लगना शुरू हो गया था। सुबह 9:00 बजे तक पुराने बस अड्डे से जाम 103 तक पहुंच गया। इसके बाद सुबह 9:30 बजे एमएलए क्रॉसिंग तक लंबा जाम लग गया। लोगों को एमएलए क्रॉसिंग से पुराने बस अड्डे तक पहुंचने में ही एक घंटे का समय लग गया। आमतौर पर यह दूरी 10 से 15 मिनट में तय हो जाती है। सुबह 8:30 बजे के बाद बसों के रूट प्रभावित हुए। बसें जाम में फंसने से अपने अगले रूट पर आधा घंटा देरी से चल रही हैैं।
निजी बसों के 60 फीसदी रूट फेल हो रहे हैं। पंथाघाटी-पुराना बस अड्डा-समरहिल, संजौली-पुराना बस अड्डा- समरहिल रूट पर चलने वाली बसें जाम के चलते दो ही चक्कर लगा पा रही हैं। आमतौर पर यह बसें इस रूट पर दिन में पांच चक्कर लगाती हैं। मुद्रिका बसें नौ चक्कर की जगह पांच ही लगा पा रही है। प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के महासचिव सुनील चौहान ने बताया कि जाम के चलते रोजाना बसों के रूट बुरी तरह से फेल हो रहे हैं। बसें पांच की जगह दो से तीन चक्कर ही लगा पा रही है। इससे प्राइवेट ऑपरेटरों को घाटा झेलना पड़ रहा है।