सांसद स्वर्गीय रामस्वरूप शर्मा का जिला कुल्लू से गहरा नाता रहा है। उनका अकसर यहां आना-जाना रहता था। वर्ष 2014 में पहली बार सांसद बनने के बाद उन्होंने पर्यटन नगरी मनाली के साथ सटे मनाली गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए गोद लिया। कुल्लू से जोगिंद्रनगर की दूरी कम करने के लिए भूभू टनल, जलोड़ी दर्रा टनल तथा भुंतर हवाई अड्डे के लिए अतिरिक्त हवाई सेवा शुरू करना पहली प्राथमिकता रहा। ये मामले कई बार संसद में भी उठाए, लेकिन इस सपने को पूरा नहीं कर पाए।
इसी बजट सत्र में दिल्ली से भुंतर के लिए 48 सीटर हवाई जहाज चलाने की मांग प्रमुखता से रखी थी। दिल्ली से भुंतर के लिए महंगा हवाई टिकट होने का हवाला दिया था। हालांकि, पर्यटन कारोबारियों को इस साल अप्रैल-मई में पर्यटन सीजन से अतिरिक्त हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद थी। पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर का ड्रीम प्रोजेक्ट भूभू टनल की बंद फाइलें निकालकर रामस्वरूप ने कई मंचों से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के वादे किए।
भूभू टनल निर्माण से कुल्लू-जोगिंद्रनगर के बीच करीब 70 किमी की दूरी कम होगी। पांच दशकों से जलोड़ी टनल की आस लगाए बाह्य सराज के लोगों को भी रामस्वरूप से बड़ी उम्मीद थी। बुधवार सुबह दिल्ली से आई रामस्वरूप शर्मा की मौत की खबर से कुल्लू जिले के निवासी गमगीन हैं। सोशल मीडिया में भाजपा नेता और कार्यकर्ता उनके साथ बिताए लम्हों के फोटो शेयर करते रहे।
प्रदेेश भाजपा सह मीडिया प्रभारी अमित सूद ने कहा कि रामस्वरूप शर्मा मिलनसार नेता थे। जलोड़ी टनल, भूभू टनल का निर्मा उनकी प्राथमिकता में था। भुंतर के लिए अतिरिक्त हवाई उड़ानों के लिए बार-बार पैरवी करते थे। मनाली गांव को गोद लेकर उन्होंने कई काम किए।