जल शक्ति विभाग ने राज्य में पिछले दो वर्षों में 8.27 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया है। जो पिछले 72 वर्षों में लगे 7.63 लाख नलों से अधिक है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जुलाई 2022 तक प्रदेश के हर घर में नल से
जल देने का लक्ष्य रखा है।
भारत सरकार के जल गुणवत्ता सर्वेक्षण में उपभोक्ता स्तर पर पेयजल मात्रा, गुणवत्ता तथा नल कार्यशीलता में पूरे देश में हिमाचल प्रदेश को प्रथम आंकने पर जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग ने राज्य में पिछले दो वर्षों में 8.27 लाख घरों को नल से शुद्ध जल उपलब्ध करवाया गया है। जो पिछले 72 वर्षों में लगे 7.63 लाख नलों से अधिक है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने जुलाई 2022 तक प्रदेश के हर घर में नल से जल देने का लक्ष्य रखा है। हर घर नल से जल उपलब्ध करवाने का राष्ट्रीय लक्ष्य 2024 तक का है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 92 प्रतिशत घरों को कार्यशील नल प्रदान कर दिए गए हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत मार्च 2022 तक कुल 2240.10 करोड़ रुपये की धनराशि भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। चालू वित्त वर्ष के लिए 1429.08 करोड़ रुपये का प्रावधान है। प्रदेश को वर्ष 2021-22 की अंतिम किस्त 315.69 करोड़ रुपये मिल चुकी है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश को भारत सरकार से कुल 1262.78 करोड़ रुपये केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में प्राप्त हो चुके हैं। राज्य को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर इस वर्ष भी प्रोत्साहन राशि अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग जल की शुद्धता पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। राज्य में 14 जिला स्तरीय व 42 उपमंडल स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 37 प्रयोगशालाओं को राष्ट्रीय मानकों के आधार पर एनएबीएल से प्रमाणिकता मिल चुकी है। इसके साथ एक राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भी स्थापित की जा रही है। इसमें पानी के नमूनों की राष्ट्रीय ब्यूरो मानक के आधार पर सभी भौतिक रसायनिक व जीवाणु परीक्षण किए जाएंगे।