वीरभद्र सिंह की ओर से किए जुबानी हमलों पर पत्रकारों ने उनकी राय जाननी चाही तो सीएम बोले - वीरभद्र सिंह के पास जब कुछ कहने को नहीं होता तो वे बहुत अनुभवी होने की बात करते हैं।
पिछली सरकार ने जिस तरह अंधाधुंध शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थान खोले और उनमें जरूरी स्टाफ की तैनाती न कर समस्या खड़ी की, उससे पिछली सरकार की कार्यशैली स्पष्ट है।
सीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा -विपक्ष के मित्र हमारे दिल्ली जाने पर कई तरह की हल्की बातें करते हैं। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हों या छुटभैये नेता।
जयराम ठाकुर से सवाल किया गया कि वे किस वरिष्ठ नेता और छुटभैये नेता की बात कर रहे हैं तो वरिष्ठ नेता के तौर पर वीरभद्र सिंह का नाम लिया। कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते वे उनका आदर करते हैं, मगर छुटभैये नेता का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि ये जो दूसरे मित्र हैं, ये हल्की टिप्पणियां करते हैं। ये खुद को विपक्ष का नेता कहते हैं। हालांकि, विपक्ष में कई लोग इन्हें इनके सहयोग और समर्थन में नहीं हैं।
यह खुद को वीरभद्र का करीबी बताते हैं। इनके बारे में वीरभद्र क्या सोचते हैं, पता नहीं। ये नेता पंजाब से सटे इलाके से हैं। ये पंजाब के कल्चर से बात करते हैं। वे इस कल्चर को हिमाचल में न लाएं।
कांग्रेस नेताओं की ओर से सरकार में नड्डा और धूमल के हस्तक्षेप के सवाल पर जयराम ठाकुर बोले - मैं आदर रखता हूं। वे चाहे शांता कुमार, प्रेमकुमार धूमल या भाजपा से कोई भी वरिष्ठ नेता हों, मेरी जिम्मेवारी सबको तरजीह देने की है।