एसीसी कंपनी की स्थापना के दौरान 476 परिवार विस्थापित हुए हैं। इनमें 390 विस्थापित परिवारों को रोजगार दिया गया, वहीं 15 नवंबर 2018 तक सेवा के दौरान कुल 58 कर्मचारियों की मौत हुई। केवल 14 आश्रितों को ही कंपनी ने रोजगार दिया है।
बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर के लिखित प्रश्न के जवाब में उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने बताया कि 15 नवंबर 2018 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 34 आश्रितों को कंपनी ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार उपलब्ध करवाया है।
शिमला जिला के रामपुर में शिक्षकों के विभिन्न वर्गों के 412 पद खाली हैं। इसमें जेबीटी के 75, सीएंडवी के 139, टीजीटी के 106, प्रधानाचार्य सात, हेडमास्टर 11, पीजीटी 63 और डीपीई के 11 पद खाली हैं।
इस साल 15 नवंबर 2018 तक रामपुर विस क्षेत्र से 235 अध्यापकों के तबादले हो चुके हैं। रामपुर के विधायक नंदलाल के लिखित सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने यह जानकारी दी।
कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध के लिखित सवाल के जवाब में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि शिमला शहर के सरकारी भवनों पर 2.5 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्वीकृति दी गई है। इसकी स्थापना अगले तीन सालों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
योजना के तहत शहर के 60 भवनों को रुफ टॉप ग्रिड कनेक्टिड सौर पावर प्लांट से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत अभी किसी भी सरकारी भवन में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं हुआ है। इसकी स्थापना को टेंडर प्रक्रिया पूरी करके संबंधित कंपनियों को आपूर्ति आदेश जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में कहा है कि आज सभी विधायकों को अपना ख्याल खुद रखने की जरूरत है। मैं आज भी विधायक हूं और कल भी विधायक ही था। हम सभी विधायकों को एकसमान तरजीह देते हैं।
प्रदेश में जहां भी विधायकों और सांसदों के नाम की पट्टिकाएं तोड़ी गई हैं, उन्हें एक महीने के अंदर दोबारा लगाएंगे। अगर एक महीने के अंदर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों ने पट्टिकाएं दोबारा नहीं लगाई तो उन पर कार्रवाई होगी।
सीएम ने कहा कि वह 11 महीने में 60 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। मेरी ओर से हर सरकारी समारोह में वहां के विधायकों को न्यौता दिया जाता है। मुख्यमंत्री सदन में कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से विधायकों के सम्मान को लेकर उठाए गए मुद्दे पर चर्चा के बाद जवाब दे रहे थे।
उन्होंने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का भी अपने कार्यकाल में विधायकों की सुख सुविधाओं का ख्याल रखने के लिए धन्यवाद किया। विधायक आशा कुमारी ने कहा कि उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र में ही आमंत्रण नहीं मिलता।
इस पर सदन में ठहाका लगा। सीएम ने कहा कि मेरे पास विधायक आशा का पुराना फोन नंबर है। मैंने उसी पर फोन किया था, लेकिन फोन मिला नहीं था। विधायकों के सुझावों पर विचार किया जा रहा है। इस दिशा में ठोस कदम उठाया जाएंगे। चर्चा में करीब दो दर्जन विधायकों ने भाग लिया।