गैर चिकित्सकों के विभिन्न पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन आयोग को लिखा गया है। प्रदेश में 962 पद नर्सों के खाली हैं। इसमें 732 नर्सों के पद भरे जाएंगे। 50 फीसदी नर्सों के पद बैचवाइज भरे जाएंगे। 236 फार्मासिस्ट के पद बैचवाइज भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रेडियोलॉलिस्ट के 141, ओटीए के 172, प्रयोगशाला विशेषज्ञों के 76 और लैब सहायकों के 129 पद भरे जाएंगे। लिपिक, स्टेनो और टांडा सुपरस्पेसिलिटी में गैर शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2260 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं।
इसमें 1982 पद वर्तमान में भरे हैं। आईजीएमसी शिमला और टांडा में इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा है, जबकि नेरचौक में हाल ही में ओपीडी का शुभारंभ हुआ है। हमीरपुर और चंबा मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
प्रदेश में सात मेडिकल कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 1650 सीटें हैं। इसमें 1482 हिमाचली और 368 गैर हिमाचली एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने
बताया कि आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज और महर्षि मार्कंडेश्वर मेडिकल कॉलेज सोलन में एमडी और एमएस की कुल 578 सीटे हैं, जिनमें 556 सीटें भरी हैं। इसमें 422 हिमाचली और 134 सीटें गैर हिमाचलियों से भरी गई हैं। इसके अलावा 42 सीटें खाली हैं।