वहीं, आईपीएस अजय यादव के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद पुलिस मुख्यालय में तैनात चल रहे डीआईजी कपिल शर्मा को मंडी रेंज में तैनाती दी गई है।चुनाव से पहले तक वीरभद्र सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में एचपीएस अधिकारियों को एसपी लगा रखा था।
हालांकि चुनाव आयोग के आपत्ति करने पर सरकार ने आनन-फानन में सभी जिलों में आईपीएस अधिकारियों को बतौर जिला कप्तान तैनाती दी थी। अब चुनाव खत्म होने के बाद नई सरकार का भी एक्स कैडर पोस्टिंग देने का प्रेम बढ़ चला है।
पूर्व कांग्रेस सरकार में कांगड़ा जिले से तब्दील होकर ऊना आए एसपी संजीव गांधी पर अब अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाना महंगा पड़ गया। एसपी पर तबादले की गाज गिरी है। नवगठित भाजपा सरकार को भी गांधी रास नहीं आए।
तेजतर्रार अफसरों में गिने जाने वाले गांधी का ऊना से महज छह माह के भीतर तबादला कर जुन्गा बटालियन भेज दिया गया है। हेल्मेट सुरक्षा, अवैध खनन और शराब माफिया के खिलाफ उन्होंने शिकंजा कसा था। पिछले तीन दिन से रेत-बजरी की ओवरलोडिंग पर क्रशर मालिक और पुलिस में तनातनी हो रही थी।
रेत-बजरी की ओवरलोडिंग और अवैज्ञानिक तरीके से खनन पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई क्रशर मालिकों को रास नहीं आ रही थी। यहां तक कि स्टोन क्रशर संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी एलान कर दिया था।
पिछले तीन दिन से ऊना में पुलिस ने रेत-बजरी की ओवरलोडिंग कर रहे दर्जनों वाहन जब्त किए थे। अब एसपी गांधी के तबादले को स्टोन क्रशर मालिकों के साथ जारी विवाद से जोड़ कर देखा जा रहा है।
ऐसे में पूर्व कांग्रेस सरकार को खनन माफिया और नशा माफिया के नाम पर घेरने वाली भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। संजीव गांधी की जगह अब दिवाकर शर्मा जिले के नए एसपी होंगे।
आईपीएस संजीव गांधी बतौर कमांडेंट फर्स्ट एचपीएपी, जुन्गा में तैनात एपीएस दिवाकर शर्मा की जगह ज्वाइन करेंगे। जाहिर तौर पर गांधी कथित माफिया की आंख की किरकिरी बने हुए थे। बहरहाल, एसपी के अचानक तबादले से जिले में चर्चाओं का माहौल गर्म है। गांधी की ज्वाइनिंग पर भी असमंजस की स्थिति बन रही थी।
28 जुलाई, 2017 को ऊना में बतौर एसपी ज्वाइन करने के बाद सबसे पहले जिले में हेल्मेट सुरक्षा अभियान चलाया जो काफी हद तक कामयाब रहा। नशा और खनन माफिया पर कार्रवाई को लेकर भी गांधी चर्चित रहे। उन्होंने अपने कार्यकाल में जिले में नशा माफिया समेत अवैध खनन से जुड़े कई लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।