हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में इस बदलाव के पीछे पुलिस का कोई भी अधिकारी आधिकारिक रूप से बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के एक आला अधिकारी के निर्देश पर ही वीरभद्र की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
यह दलील दी कि पूर्व मुख्यमंत्री के निजी आवास पर कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट होने और परिसर बड़ा होने के चलते सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वर्तमान में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुरक्षा के नाम पर एस्कोर्ट और एक पीएसओ मुहैया कराया जाता है।
इसके अलावा निजी आवास पर एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल की सुरक्षा गारद तैनात की जाती है। पूर्व मुख्यमंत्रियाें प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार के आवास पर अब भी एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल की निर्धारित गारद तैनात है, लेकिन वीरभद्र सिंह की सुरक्षा में हुए बदलाव के बाद विभाग में खासी चर्चा है।