वहीं, नौहराधार सिरमौर में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र का हिमाचल के प्रति रवैया बदल गया है। केंद्र से हिमाचल सरकार को जैसा सहयोग मिलना चाहिए था, वो नहीं मिल रहा। विश्व पर्यावरण दिवस पर सिरमौर के बोगधार मेले के समापन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने सत्ता में आते ही ओपीएस को लागू किया है। उसके बाद केंद्र का हिमाचल के प्रति रवैया बदला है। केंद्र सरकार हिमाचल की फंडिंग पर भी शिकंजा कस रही है। कर्ज की लिमिट साढ़े 14,000 से घटाकर साढ़े 9,000 करोड़ कर दी गई है। वहीं फॉरेन फंडिंग पर भी कैप (रोक) लगाई जा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से लगातार संसाधन जुटाने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने शराब के ठेकों की नीलामी से प्रदेश सरकार के खजाने में 500 करोड़ का इजाफा हुआ है। वहीं, वाटर सेस भी सरकार की ओर से लगाया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर सेट का फैसला केंद्र सरकार को रास नहीं आ रहा है और कंपनियों को पत्र लिखे जा रहे हैं कि अदालत में जाकर वाटर सेस का विरोध करें।
उन्होंने कहा कि वाटर सेस लगाना हिमाचल सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता वाटर सेस मामले में शामिल है और जल्द ही उस नेता को एक्पोज किया जाएगा। इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सिरमौर जिला पहुंचे मुकेश अग्निहोत्री का कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को भी सुना।