पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जनता और कारोबारियों पर लगातार शुल्क का बोझ डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार को ‘शुल्क की सरकार’ करार देते हुए प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार छोटे और मध्यम कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है, जिससे प्रदेश में पर्यटन कारोबार करना और महंगा हो जाएगा।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार का गवर्नेंस मॉडल जनता और कारोबारियों पर बेहिसाब शुल्क लगाने तक सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि टॉयलेट टैक्स के फैसले के बाद कभी पर्यटकों की गाड़ियों पर टैक्स लगाया जाता है, तो कभी स्कूल-कॉलेज की फीस और इलाज जैसी आवश्यक सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की जाती है। राजस्व से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए भी लोगों को तहसीलों में भारी फीस चुकानी पड़ रही है।
छोटे होटलों के शुल्क में बढ़ोतरी पर जताया विरोध
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब होटल कारोबारियों पर भी भारी शुल्क का बोझ डाल दिया गया है। उनके अनुसार, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में बदलाव किया है, जिसके तहत छोटे होटलों के शुल्क में भारी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि नए शुल्क ढांचे के अनुसार 10 से 13 कमरों वाले ग्रीन श्रेणी के छोटे होटल संचालकों को अब पांच साल के लिए 72 हजार रुपये के बजाय 1.80 लाख रुपये देने होंगे। इससे होटल संचालकों पर 1.08 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। वार्षिक शुल्क भी 14,400 रुपये से बढ़ाकर 36,000 रुपये कर दिया गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 20 से अधिक कमरों वाले ऑरेंज श्रेणी के होटलों पर भी इसका असर पड़ेगा। इनके पांच साल के संभावित शुल्क में बढ़ोतरी के बाद यह 3 से 5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि संशोधित शुल्क ढांचा कंसेंट टू एस्टेब्लिश (CTE) और कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) दोनों पर लागू किया गया है। उनके मुताबिक, शुल्क जमा नहीं करवाने पर पुराने होटल संचालकों को होटल बंद करने के नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में होटल चलाने वाले छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए यह अतिरिक्त शुल्क असहनीय है। पर्यटन प्रतिष्ठानों की तुलना बड़े औद्योगिक निर्माण संस्थानों से करना उचित नहीं है। सरकार को इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार कर बढ़े हुए शुल्क को वापस लेना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने और खर्चों में कटौती करने के बजाय छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा पर्यटन कारोबार और आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले फैसलों का विरोध करेगी।
दिल्ली रैली को भी बताया फ्लॉप
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित इंडी गठबंधन की रैली को भी फ्लॉप करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने मंत्रिमंडल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन वहां जाकर उनकी पूरी तैयारी बिखर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू राहुल गांधी की रिलॉन्चिंग के लिए प्रदेश के संसाधनों का इस्तेमाल कर दिल्ली गए, लेकिन उन्हें मंच से बोलने तक का मौका नहीं मिला। जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे कांग्रेस हाईकमान में मुख्यमंत्री की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
4 नवंबर की पदयात्रा में शामिल होने का आह्वान
पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार दोपहर बाद अपने सराज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम केंद्र शंकर देहरा के अंतर्गत सनोई और काण्डीधार बूथ की संयुक्त बैठक में शामिल हुए। बैठक में संगठन के विस्तार, बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की गई।
इस अवसर पर विस्तारक जितेन्द्र ठाकुर, ग्राम केंद्र प्रभारी विनय सहित ग्राम केंद्र शंकर देहरा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से 4 नवंबर को मंडी में आयोजित होने वाली ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा में भाग लेने का आग्रह किया।