आरटीआई में खुलासे के बाद जिला कारागार सोलन में राशन की खरीद-फरोख्त घोटाले में संलिप्त मुख्य वार्डन पर गाज गिर गई है। करीब तीन साल पहले सूचना अधिकार के माध्यम से इस मामले का खुलासा हुआ था। जिसमें लाखों रुपये के राशन में धांधली के आरोप लगाए गए थे। सोलन जेल के मुख्य वार्डन पर फर्जी बिल प्रस्तुत करने का आरोप था। मामले में सोलन के आरटीआई कार्यकर्ता प्रेम सिंह टंगणियां ने बिल के संबंध में जानकारी मांगी थी, लेकिन बाद में जांच-पड़ताल में बिल फर्जी पाए गए।
जांच के लिए यह मामला सहायक आयुक्त को सौंपा गया, लेकिन बाद में मामला संगीन होने की वजह से इसकी जांच का जिम्मा पुलिस महानिदेशक को सौंपा गया। मामले की जांच में आरोपी मुख्य वार्डन पर लगाए गए सभी आरोप सही साबित हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद वार्डन पर कार्रवाई करते हुए उसकी आगामी पांच साल तक सभी वेतन वृद्धियों रोक दी गई हैं। इस बारे में जेल के महानिदेशक सोमेश गोयल की ओर से आदेश जारी किए गए हैं।