पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर।
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सत्तासीन कांग्रेस सरकार में काम करने की इच्छा ही समाप्त हो चुकी है। संकट और दुख की घड़ी में लोगों की उम्मीद रहती है कि सरकार उनके साथ खड़ी हो लेकिन मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व वाली ये सरकार जिम्मेदारी से दूर भाग रही है। आपदा पीड़ितों की मदद के लिए सरकार को सारे काम छोड़ युद्धस्तर पर संजीदगी के साथ मदद के लिए आगे आना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से इस सरकार को कोई परवाह नहीं है।
बालीचौकी में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तीन साल का इनका कार्यकाल ही त्रासदी भरा रहा है। लोगों की मदद करने के बजाय इस सरकार ने भाजपा नेताओं को कोसने और मित्रों के घर भरने में लगा दिए। एक प्रकार से ये सरकार ही आपदा है जिसने आते ही जनता की मांग पर खोले गए दो हजार संस्थान बंद कर दिए और जब 2023 में आपदा आई तो खजाना खाली होने का रोना रोकर लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया। ऐसे में जहां घर आपदा ने छीने तो लोगों की उम्मीदें इस झूठी सरकार ने धूमिल कर दी।
उन्होंने मंच से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वह एक बच्चे के लिए भी स्कूल खोल देते थे। वहीं व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाले ये मुख्यमंत्री ठीक उनके विपरीत चल रहे हैं। वीरभद्र सिंह का हमेशा विकास का नजरिया रहा, लेकिन मौजूदा सरकार बदले की भावना से काम करना ही एकमात्र ध्येय रह गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के चार माह बाद भी कई इलाकों में मुख्यमंत्री तो दूर की बात सरकार का कोई मंत्री तक नहीं पहुंचा है। लोगों को अभी तक भी फौरी राहत तक नहीं मिल पाई है। बेघर लोग भीषण सर्दी के बावजूद लोगों के घरों में ही रातें काटने को विवश है। सरकार को अस्थायी टेंट इनके लिए बनाकर देने चाहिए थे। कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों की समस्याएं उठाने से नहीं रोक सकती है। उन्होंने घोषणा की कि वह अपने तीन महीने वेतन पूरी तरह से तबाह हो चुके मकान के प्रभावितों को देंगे।