पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी मित्र मंडली के मोह में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सांविधानिक व्यवस्थाओं की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। शिमला नगर निगम में जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि सीधे तौर पर जनमत का अपमान है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने एक खास मित्र को लंबे समय तक सत्ता के गलियारों में एडजेस्ट करने और उन्हें सत्तासुख दिलाने की खातिर पहले तो लोकतांत्रिक ढांचे का गला घोंटते हुए संविधान की धज्जियां उड़ाईं और अब मनमाने ढंग से नगर निगम की कार्यवाही को संचालित कर रहे हैं। भाजपा पार्षदों को जिस अलोकतांत्रिक और असांविधानिक तरीके से सदन से बाहर निकाला गया, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार विपक्ष की तार्किक आवाज और जनता के सवालों से भयभीत है।