26 जनवरी को मंत्री जगत सिंह नेगी शिंकुला दर्रा से 15 किलोमीटर पहले बर्फ के फाहों के बीच जांस्कर-समदो नामक प्वाइंट पर पहुंचे। यहां उन्होंने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से शिंकुला टनल और बारालाचा के समीप प्रस्तावित सुरंग के बारे में भी जानकारी ली।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि शिंकुला सीमा विवाद को जल्द सुलझाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार के प्रयास जारी हैं। 26 जनवरी को मंत्री जगत सिंह नेगी शिंकुला दर्रा से 15 किलोमीटर पहले बर्फ के फाहों के बीच जांस्कर-समदो नामक प्वाइंट पर पहुंचे। यहां उन्होंने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों से शिंकुला टनल और बारालाचा के समीप प्रस्तावित सुरंग के बारे में भी जानकारी ली।
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मंत्री ने शिंकुला सीमा विवाद को लेकर कहा कि लाहौल-स्पीति के विधायक रवि ठाकुर ने शिंकुला विवाद को कई बार विधानसभा में भी उठाया है। इसी सिलसिले को लेकर वह विधायक रवि ठाकुर और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ शिंकुला सीमा विवाद को जानने के लिए पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि सीमा विवाद के संबंध में पत्राचार और मीटिंग के जरिए लद्दाख से यह मामला उठाया गया है। प्रदेश सरकार इसके लिए प्रयासरत है कि जल्द यह मामला सुलझ जाए।
नेगी ने कहा कि हिमाचल के लिए पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है और इसकी संभावाएं भी बहुत हैं। इसको हम जितना ज्यादा बढ़ावा देंगे, युवाओं को इसका फायदा होगा और रोजगार मिलेगा। बता दें कि लेह-लद्दाख को केंद्र शासित राज्य बनाए जाने पर हिमाचल और लद्दाख के कारोबारियों के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है।
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वहीं मनाली-लेह मार्ग के सरचू के पास भी सीमा विवाद को दूसरा मामला चल रहा है। 2015 में सर्वे आफ इंडिया की टीम ने मानचित्र के आधार पर सरचू की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया था कि जम्मू-कश्मीर की पुलिस और यहां के कारोबारी हिमाचल सीमा के 17 किमी के अंदर अपना करोबार चला रहे हैं। वहीं कारगिल के कारोबारी जांस्कर रूट पर शिंकुला से करीब 35 किमी नीचे लाहौल के जांस्कर-समदो में नामक जगह पहुंचकर कारोबार करते हैं। हिमाचल के कारोबारियों ने प्रदेश सरकार से शिंकुजा के जांस्कर-समदो व हिमाचल सीमा के सरचू विवाद को जल्द सुलझाने की मांग की है।