किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर शुक्रवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। यात्रा के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। देव सभाएं इस यात्रा की निगरानी कर सकेंगी। इसके लिए प्रशासन उन्हें सुविधाएं भी प्रदान करेगा। गाइड को भी प्रशासन के पास अपना पंजीकरण कराना होगा। प्रशासन की ओर से उन्हें आईडी कार्ड दिए जाएंगे। आईडी कार्ड प्राप्त गाइड ही इस यात्रा के दौरान काम कर पाएंगे। बता दें कि किन्नौर कैलाश यात्रा के बारे में इस बार कई अटकलें लगाई जा रही थीं। शुक्रवार को हुई बैठक में तिथि तय होने के बाद अब यह संशय खत्म हो गया है।
यात्रा से युवाओं को रोजगार भी : नेगी
बागवानी मंत्री ने कहा कि किन्नौर कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं की अत्यधिक आस्था है। इस यात्रा से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होते हैं। साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। इसी के चलते जनहित में यात्रा को जारी रखने का फैसला लिया गया है। जो आपत्तियां देव सभाओं की थीं, उन्हें भी दूर करने के लिए एसओपी बनाई गई है।