नरेंद्र मोदी कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में भी नड्डा को फर्स्ट रो में पहली सीट पर बैठे। इससे भी उन्हें महत्व देने की बात सामने आई है। इससे पहले नड्डा पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देने गए नरेंद्र मोदी और अमित शाह के भी साथ में रहे।
इससे उनका पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीब होना दिखता है। जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 में ब्राह्मण परिवार में डॉ. नारायण लाल नड्डा के घर हुआ। उनकी शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल पटना में हुई।
पटना कॉलेज और पटना विश्वविद्यालय में बीए और एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की। 1993 में नड्डा पहली बार हिमाचल विधानसभा पहुंचे। 1994 से 1998 तक पार्टी समूह के नेता के रूप में कार्य किया। वर्ष 2008 से 2010 तक नड्डा वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री रहे।
जबकि पूर्व केंद्र सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहे। नड्डा 16 साल की उम्र में छात्र राजनीति में उतर गए थे। उस समय बिहार में स्टूडेंट मूवमेंट चरम पर था।
1977 में पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव में सचिव चुने गए, जबकि 13 साल विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे। वहीं कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर हिमाचल के मुख्यमंत्रर जयराम ठाकुर और पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने नड्डा को बधाई दी है।
मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को जगह न मिलने पर उनके गृह क्षेत्र विजयपुर में मायूसी का आलम छा गया था।
दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह के सीधे प्रसारण पर टकटकी बांधे लोगों को उम्मीद थी कि नड्डा को इस बार भी महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेवारी दी जा सकती है, लेकिन मंत्रिपद की शपथ लेने वालों में वे नजर नहीं आए।
हालांकि मंत्रिमंडल से बाहर होने पर नड्डा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने की चर्चा ने लोगों को उत्साहित भी कर दिया।