मैकेनिक्ल ट्रेड के प्रशिक्षुओं की बढ़ गई है मुश्किलें, कर्फ्यू हटने का बेसब्री से कर रहे इंतजार
कर्फ्यू ने रोकी आईटीआई प्रशिक्षुओं की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
साढ़े सात सौ प्रशिक्षु ले रहे ैहं विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कौशल विकास और स्वरोजगार के मकसद से खोले गए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में विभिन्न कोर्स कर रहे युवाओं के प्रशिक्षण को कोरोना महामारी ने बुरी तरह से प्रभावित किया है।
छह अप्रैल से लेकर लगे कोरोना कर्फ्यू के कारण आईटीआई में कक्षाएं नहीं लग पाई हैं। संस्थानों ने अपने स्तर पर हर ट्रेड की ऑनलाइन कक्षाएं जरूर नियमित रूप से चलाई हैं लेकिन इनमें मैकैनिकल ट्रेड के प्रशिक्षुओं के प्रैक्टिकल संभव नहीं हो पा रहे हैं। इससे प्रशिक्षुओं की चिंता बढ़ गई है। प्रशिक्षुओं को चिंता है कि कैसे और कब उनके लैब में प्रैक्टिकल हो पाएंगे। बिना प्रैक्टिकल उन्हें सही मायने में अपने ट्रेड की बारीकियां समझने में दिक्कत होगी। महामारी के कारण बिगड़े हालात के चलते उनका प्रशिक्षण अधूरा रह रहा है।
राजधानी शिमला के आईटीआई में करीब साढ़े सात सौ प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। कर्फ्यू में संस्थान ने ट्रेड और सेक्शन के हिसाब से व्हाट्सएप तथा गुगल मीट के तहत ग्रुप बनाकर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की है। लिंक के माध्यम से रोजाना थ्योरी कक्षाएं भी हो रही हैं, बाकायदा हाजिरी लग रही है, प्रधानाचार्य भी वर्चुअल मोड से जुड़कर हर क्लास की मानीटरिंग कर रहे हैं।
इंस्ट्रक्टर हर ट्रेड के प्रैक्टिकल की वीडियो बनाकर शेयर कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग सही मायने में पूरी नहीं हो पा रही है। सबसे अधिक परेशानी मैकेनिक्ल ट्रेड के प्रशिक्षुओं को पेश आ रही है। संस्थानों में मोटर मैकेनिक, प्लंबर, टर्नर, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनकी ट्रेनिंग वर्कशॉप में किए जाने वाले प्रैक्टिकल होने के बाद ही पूरी हो पाएगी। अब प्रशिक्षु कर्फ्यू के समाप्त होने और संस्थान के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कर्फ्यू के कारण संस्थान की जुलाई में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल बदलना पड़ेगा।
संस्थान खुलने पर होंगे प्रैक्टिकल : वर्मा
आईटीआई शिमला के प्रधानाचार्य एलआर वर्मा ने बताया कि कर्फ्यू के कारण प्रैक्टिकल संभव नहीं हो पा रहे है। ऑनलाइन कक्षाएं लगातार चल रही हैं, इसमें थ्योरी पढ़ाई जा रही है। प्रशिक्षुओं को वर्कशॉप के कार्य के वीडियो ऑनलाइन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इससे वह दिए गए विषय को समझ सकेंगे। संस्थान खुलने पर प्रैक्टिकल करवाए जाएंगे।