फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

220 बीघा जमीन में यहां बनेगा आईटीबीपी बटालियन का हेडक्वार्टर

Tue, 13 Nov 2018 01:23 PM IST
मोहन मेहता, अमर उजाला, ज्यूरी (रामपुर बुशहर)
विज्ञापन
विज्ञापन

आईटीबीपी की 43वीं बटालियन को चार साल की कोशिशों के बाद रामपुर के कलना में 220 बीघा जमीन मिल गई है। वन विभाग से एनओसी लेकर प्रदेश सरकार से मिलकर आईटीबीपी ने यह जमीन अपने नाम करवा ली है। यहां अब बटालियन का हेडक्वार्टर बनेगा, जिसमें सभी तरह के कार्यालयों के अलावा दस बिस्तर का अस्पताल, आईटीबीपी का स्कूल, मैदान, सस्ते सामान की कैंटीन जैसे भवनों का निर्माण किया जाएगा।

विज्ञापन


ज्यूरी की 43वीं बटालियन के कमांडेंट वीरव्रत नेगी ने बताया कि जमीन की डिमार्केशन का कार्य चल रहा है जिसके बाद यहां निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामपुर के कलना में बटालियन के हेडक्वार्टर से किन्नौर और स्पीति से लगी चीन सीमा की सुरक्षा में जवानों की ड्यूटी लगाई जाएगी। 

ज्यूरी में पिछले चार सालों से बटालियन छोटे से ट्रांजिट कैंप से तिब्बत चीन सीमा की अति दुर्गम चौकियों की सुरक्षा का संचालन कर रही है। 2014 में आईटीबीपी की 43वीं बटालियन को एसएसबी सराहन की जमीन पर स्थापित करने के मकसद से भेजा था, लेकिन यहां पर पर्याप्त जमीन न होने से ज्यूरी के ट्रांजिट कैंप में रहना पड़ रहा है।   
विज्ञापन


24 अक्तूबर 1962 को भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का गठन किया गया। चीन से लगती तिब्बत सीमा की सुरक्षा के लिए बने अर्धसैनिक बल की मात्र 4 बटालियन बनाने का अनुमान था। लेकिन वर्तमान में आईटीबीपी भारत-चीन-नेपाल की 2200 किलोमीटर लंबी अरुणाचल से लद्दाख तक की सीमा की सुरक्षा में लगी है।

अब आईटीबीपी 4 की जगह 60 बटालियन में करीब 90 हजार की संख्या है। हिमाचल में शिमला-तारादेवी में सेक्टर ऑफिस के अलावा रिकांगपिओ, सराहन, कुल्लू, नाहन के बाद अब रामपुर में भी एक बटालियन स्थापित हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें