हिमाचल की फल मंडियों में अब टाइडमैन और रेड जून सेब के बाद नाशपाती की विदेशी किस्में भी पहुंचनी शुरू हो गई हैं। बागवानों को इसके बेहतर दाम मिल रहे हैं। सोमवार और मंगलवार को कोटखाई के निचले और मध्यम क्षेत्रों से विदेशी किस्मों की नाशपाती मंडी में दस्तक दी। ठियोग की पराला फल मंडी मे नाशपाती की इटालियन किस्म की कारमैन नाशपाती के बॉक्स के दाम 1200 रुपये बागवानों को मिले।
कोटखाई क्षेत्र के पजोल के बागवान प्रताप चौहान ने बताया है कि कारमैन पीयर के एक बक्से का वजन 9 किलोग्राम था। पराला फल मंडी के प्रधान अनूप चौहान ने बताया कि नाशपाती की हाफ रेड किस्म के साथ ही मंडी में इटालियन पीयर कारमैन भी आ गई है। इसका केवल 9 किलो का बॉक्स 1200 रुपये तक बिक रहा है।
इटली से पांच साल पहले आई यह किस्म कारमैन इटालियन किस्म की नाशपाती है और पांच साल पहले ही हिमाचल मे आई। हिमाचल में पैदा होने वाली नाशपाती में सबसे पहले तैयार हो जाती है। यह मुख्य रूप से कोटखाई, कोटगढ़, चौपाल, कुमारसैन और ठियोग के इलाकों में कई प्रगतिशील बागवानों इसे उगा रहे हैं।
हाफ रेड पीयर 3000 तो 1800 बिका टाइडमैन
आढ़ती सुशील ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को हाफ रेड किस्म की नाशपाती 3000 रुपये और टाइडमैन सेब 1800 रुपये पेटी की दर से बिका। इसके अलावा रेड जून और समर क्वीन किस्म का सेब 600 से 700 रुपये प्रति पेटी बिका।