घणाहट्टी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में दी अधिकारों की जानकारी
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महिलाओं को मिलती है मुफ्त कानूनी सहायता : किरण संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आज के समय में महिलाओं का सशक्त होने के साथ स्वस्थ होना भी जरूरी है। ऐसे में महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। साथ ही अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
यह बात घणाहट्टी स्थित सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को आयोजित अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता किरण शर्मा और दीनदयाल उपाध्याय की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. दीपा राठौर ने कही। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बाल कल्याण परिषद की सदस्य किरण शर्मा ने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संविधान में कई अधिकार हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को समानता का अधिकार, शोषण से सुरक्षा का अधिकार, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, शिक्षा और काम करने का अधिकार, मतदान और मातृत्व अवकाश जैसे अधिकार दिए गए हैं। महिलाएं घरेलू हिंसा या किसी तरह का शोषण होने पर 1091 नंबर पर शिकायत कर सकती हैं। महिलाओं के लिए कानूनी सहायता निशुल्क है। महिलाओं और युवतियों को कार्य स्थल पर उत्पीड़न से लेकर पॉक्सो एक्ट तक की जानकारी दी। अपील की कि महिलाएं इन कानूनों का अन्याय होने पर ही इस्तेमाल करें। गलत इस्तेमाल से भी बचें।
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सेहत पर भी ध्यान देना जरूरी : डॉ. दीपा
दीन दयाल उपाध्याय की क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. दीपा राठौर ने महिलाओं और युवतियों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर खुद मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होंगी तभी वह अपने परिवार को संभाल पाएंगी। अवसाद और अन्य समस्याओं से बचने के लिए एक समय पर एक ही काम करें। 8 से 10 घंटे की अच्छी नींद लें। महिलाओं को बच्चों के सामने मोबाइल का कम इस्तेमाल करने और बच्चों को समय देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण केंद्र की मुख्य प्रशिक्षक सुनीता बंसल, अंजना शर्मा, पूनम बंसल और विद्या देवी समेत 50 से ज्यादा महिलाएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में मिली महत्वपूर्ण जानकारी सलोनी ने बताया कि मैंने डॉक्टर से तनाव और ओवरथिंकिंग से बचने के बारे में पूछा। इनका जवाब मिलने से तनाव कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अच्छी जानकारी दी गई है।
शालिनी ने कहा कि काम करते समय ध्यान भटकता है और फोक्स करने में समस्या होती है। डॉक्टर ने बताया कि ऐसे में वह माइंडफुलनेस एक्सरसाइज करें और एक समय पर एक ही काम करें।
सुनीता बंसल ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार और कानून में क्या प्रावधान हैं, इसकी जानकारी मिली है। अमर उजाला की यह पहल सराहनीय है। महिलाओं को उनके कानूनों की जानकारी मिली है।
हीना शर्मा ने कहा कि महिलाओं के लिए कानून में कई प्रावधान हैं। कार्यस्थल से लेकर घर तक, यदि कहीं भी हिंसा या प्रताड़ना हो तो उसकी शिकायत की जा सकती है। केंद्र में महिलाएं प्रशिक्षित होकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। यह जानकारी और काम आएगी