बंजार विस क्षेत्र के तहत शांगड़ा नेचर पार्क के लिए भूमि नहीं है। अगले साल बनने वाले चार नेचर पार्क में देउरी को भी शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी के प्रश्न पर वन मंत्री गोविंद राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने साल 2017-18 में 18 ईको पार्क बनाने का निर्णय लिया है।
इनमें आठ पार्कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। अगले साल चार पार्क बनेंगे। अभी तक देउरी और शांगड़ में नेचर पार्क स्वीकृत नहीं है। ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्र के गांवों की बिजली वोल्टेज की समस्या की जानकारी दें।
बिजली बोर्ड शीघ्र समस्या का हल करेगा। शिलाई के विधायक हर्षवर्धन चौहान के प्रश्न के पर ऊर्जा मंत्री बोले - पांवटा साहिब बिजली मंडल के तहत दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति
योजना के तहत 522.69 लाख रुपये से छोटे गांवों में बिजली समस्या हल की जा रही है।
सितंबर 2018 तक सभी छूटे हुए गांवों में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा था, जो पूरा नहीं हो पाया है। मार्च 2019 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
दुर्गम क्षेत्रों में तैनात किए जाने वाले नए चिकित्सक दूसरे स्थान पर अपनी एडजस्टमेंट नहीं करा सकेंगे। दुर्गम इलाकों में चिकित्सकों की कमी को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया जाएगा। अ
कसर देखने में आया है कि जब भी नए चिकित्सकों की तैनाती दुर्गम क्षेत्रों में की जाती है तो वे वहां जाने के बजाय अपनी एडजस्टमेंट करने में लग जाते हैं। चौपाल के विधायक बलवीर सिंह वर्मा के प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि आयुर्वेदिक
चिकित्सा अधिकारियों के 82 पद बैचवाइज भरे गए हैं। 100 पदों पर सीधी भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने कहा कि चौपाल विस क्षेत्र में 25 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों में से केवल सात पद भरे हैं, 18 रिक्त हैं।
बलवीर वर्मा ने कहा कि सरकार ने नए भर्ती चिकित्सकों की तैनाती चौपाल में की थी, लेकिन सभी ने अपनी एडजस्टमेंट करवा ली। एक भी चिकित्सक ने ज्वाइन नहीं किया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री बोले- नए भर्ती चिकित्सकों की एडजस्टमेंट नहीं की जाएगी।
बल्ह विस क्षेत्र में सब्जी मंडी बनने और उसके संचालन के बाद ही वहां कृषि विश्रामगृह स्थापित किया जाएगा। बल्ह के विधायक इंद्र सिंह के प्रश्न पर कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि विस क्षेत्र में सब्जी मंडी बनाने को पांच लाख का बजट रखा गया है।
वन संरक्षण अधिनियम के तहत 19 बीघा 18 बिस्वा भूमि गैर मुमकिन चयनित की गई है। मामला फॉरेस्ट क्लीयरेंस को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही सब्जी मंडी का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।