विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार एवं पूर्व कुलपति रहे डा. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि भर्ती बोर्ड का सदस्य होने के नाते उन्होंने पोस्ट डॉक्टरेट डिग्री के अतिरिक्त नंबर देने का एक्ट अथवा स्टेच्यूट में प्रावधान नहीं होने पर विरोध किया था।
उन्होंने कहा था कि ऐसा करना सही नहीं है, मगर बोर्ड के वरिष्ठ सदस्यों ने कुछ मजबूरी बताते हुए इस आपत्ति पर गौर नहीं किया। इसमें भर्ती बोर्ड के अन्य सदस्यों की ही जवाबदेही होगी। वह शनिवार को ही सेवानिवृत्त हुए हैं, इसलिए खुलकर बोलने में उन्हें कोई हिचकिचाहट नहीं।