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नियमों के विपरीत बांटे सरकारी आवास, अदालत पहुंचा मामला

Wed, 05 Dec 2018 01:25 PM IST
प्रवीण कुमार, अमर उजाला, हमीरपुर
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हमीरपुर जिला प्रशासन पर पूल कॉलोनी के सरकारी आवास आवंटन में कोताही के आरोप लगे हैं। जिला मुख्यालय हमीरपुर में सरकारी कर्मचारियों की रिहायश के लिए बनी पूल कॉलोनी के गलत आवंटन का यह मामला अब न्यायालय में पहुंच गया है।

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हमीरपुर कोर्ट ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार के माध्यम से उपायुक्त हमीरपुर, सरकारी आवास आवंटन समिति हमीरपुर, लोक निर्माण विभाग और एक अन्य को कानूनी नोटिस जारी हुआ है। मंगलवार को इस मामले में चारों पक्षों को हमीरपुर कोर्ट में तलब किया गया।

अब इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी माह में होगी। बता दें कि जिला मुख्यालय में बनी पूल कॉलोनी में 143 सरकारी आवास हैं। जिनमें टाइप-4, टाइप-3, टाइप-2 और टाइप-1 शामिल हैं। जिला हमीरपुर के एक सरकारी विभाग में सेवारत कर्मचारी ने सरकारी आवास आवंटन समिति पर नियमों के विपरीत आवास आवंटित करने के आरोप लगाए हैं।
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पीड़ित कर्मचारी ने इस मामले को लेकर सीनियर सब जज अभय मंडयाल की अदालत में याचिका दायर की है। अशोक कुमार ने कहा कि सरकारी आवास आवंटन समिति के पूरे सदस्यों को बैठक में बुलाए बिना ही नियमों के विपरीत आवासों का आवंटन किया जा रहा है। वरिष्ठ कर्मचारियों को पूल कॉलोनी में टाइप-3 आवास के बजाय टाइप-2 आवास दिए गए। जबकि कनिष्ठ कर्मचारियों को टाइप-3 आवास आवंटित किए गए हैं।

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इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन से भी की गई। लेकिन, प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर शर्मा का कहना है कि सरकारी आवास आवंटन समिति ने उनके मुवक्किल को नियमों के तहत आवास आवंटित नहीं किया है। इस मामले की सुनवाई अब जनवरी माह में सीनियर सब जज अभय मंडयाल की अदालत में होगी।

उन्होंने कहा कि इस मामले में उपायुक्त हमीरपुर, लोनिवि, सरकारी आवास आवंटन समिति और एक अन्य कर्मचारी को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी हुए हैं। उधर, इस मामले में उपायुक्त हमीरपुर डॉ. रिचा वर्मा के कार्यालय के दूरभाष नंबर और मोबाइल नंबर पर संपर्क करना चाहा लेकिन, उन्होंने फोन का कोई जवाब नहीं दिया।

अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान सुमन बन्याल, महामंत्री प्रदीप गौतम, वरिष्ठ उपप्रधान रमेश धीमान, उपप्रधान संतोष कुमार, मनोज शर्मा और राकेश कुमार ने कहा कि सरकारी आवास समिति के हाल ही में हुई बैठक में आवास आवंटन नियमों की सरेआम अवहेलना हुई है।

20 अक्तूबर 2018 की आवास आवंटन समिति की कार्यवाही के दौरान पूल कॉलोनी में टाइप तीन भवन खाली होने के बावजूद दो सीनियर कर्मचारियों को जबरन टाइप दो आवंटित किया गया। यही नहीं नियमों के विपरीत तकनीकी विवि के एक कर्मचारी को भी पूल कॉलोनी में आवास आवंटित कर दिया। उपनिदेशक शिक्षा विभाग में सेवारत वरिष्ठ सहायक को आवास आवंटन सूची में सबसे ऊपर नंबर होने के बावजूद आवास नहीं दिया।

बीते माह 12 आवास के लिए समिति ने 13 कर्मचारियों के नामों की सूची जारी कर दी, जिससे खूब हंगामा हुआ था। महासंघ ने आरोप लगाया कि उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों को ही सरकारी आवास आवंटित किए जा रहे हैं। जबकि शेष विभागों के कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। महासंघ ने प्रदेश सरकार से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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