आईपीएस साजू राम राणा ने पुलिस अधीक्षक के रूप में अंतिम बार बिलासपुर में सेवाएं दी थी। साजू राम राणा एक साल से ज्यादा बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रहे। उनके कार्यकाल में हत्या के चार मामले सुलझाए गए। साजू राम राणा ने 18 अगस्त 2021 को बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला और 27 सितंबर 2022 को जंगलबैरी बटालियन के लिए स्थानांतरित हुए।
राणा ने अपने कार्यकाल में अवैध नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यशाला कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिनिधियों को नशे के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए सूचना का आदान प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। साजू राम राणा का मानना था कि नशाखोरी को खत्म केवल लोगों के सहयोग से ही खत्म किया जा सकता है। साजू राम राणा के कार्यकाल के दौरान बिलासपुर जिले में मादक पदार्थ अधिनियम के करीब 200 मामले दर्ज किए गए।
राणा ने बिलासपुर से स्थानांतरित होने से पहले चर्चित अंकित हत्याकांड को सुलझाया। अंकित का शव घर के पास जंगल में कई टुकड़ों में बरामद हुआ था। शव मिलने के दो दिन बाद हत्या करने के आरोप में अंकित के दो चचेरे भाइयों, छोटे चचेरे भाई की पत्नी, चाचा और दो प्रवासी व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उन्होंने हत्या के तीन अन्य मामले भी सुलझाए।
सुनाई थी एक मां की आपबीती
साजू राम राणा ने पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशाला में एक मां की आपबीती सुनाई थी। साजू राम राणा ने बताया था एक दिन आधी रात को एक महिला का फोन आया। महिला के अनुसार उसके बेटे को नशे की ऐसी लत लगी है कि अब वह नशे के बिना नहीं रह सकता और वह खुद नशा लेकर उसे देती है। महिला ने नशे के कारोबारियों को पकड़ने की गुहार लगाई थी।