राजधानी शिमला में गहराए जल संकट पर आखिर प्रदेश सरकार की नींद भी टूटी। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने सचिवालय में बैठक बुलाकर शहर में जल संकट को लेकर संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। समस्या के समाधान के लिए मंत्री ने जिम्मेदार अफसरों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
स्टोक्स ने दो टूक कहा है कि पब्लिक को पानी नहीं मिला तो लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए स्टोक्स ने नगर निगम, आईपीएच और बिजली बोर्ड के अफसरों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने की हिदायत दी है।
नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शहर के किस वार्ड में किस दिन, कितने बजे और कितने समय के लिए पानी की सप्लाई होगी, यह सूचना लोगों तक पहुंचाने के पुख्ता बंदोबस्त किए जाए। इसके लिए शहर में वाहन घुमाकर अनाउंसमेंट की जाए। वार्डों के पार्षदों की भी मदद ली जा सकती है। अगर किन्हीं कारणों से पानी की सप्लाई नहीं की जानी है तो इसके बारे में भी जनता को सूचित किया जाए।
रोजाना मानीटरिंग होगी, समस्याएं भी होंगी हल
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर ने बताया कि आईपीएच मंत्री ने शिमला में पानी की समस्या के समाधान के निर्देश दिए हैं। पानी की सप्लाई को लेकर रोजाना मानीटरिंग की जाएगी, जो कोई समस्याएं पेश आएंगी उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
अब फोन बंद करके नहीं चलेगा काम
नगर निगम के छोटा शिमला वार्ड से पार्षद सुरेंद्र चौहान ने बताया कि पानी की किल्लत को हल करने के लिए आईपीएच मंत्री ने अफसरों को कड़े निर्देश दिए हैं। अब फोन बंद करके काम नहीं चलेगा। की-मैन से लेकर अफसराें तक को आपस में तालमेल बनाना होगा।
28 से फिर शुरू हो सकती है पानी की राशनिंग
शहर में 28 सितंबर से फिर पानी की राशनिंग शुरू हो सकती है। परियोजनाओं से शहर को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण नगर निगम एक दिन छोड़ कर पानी की सप्लाई की व्यवस्था दोबारा लागू कर सकता है। पानी की किल्लत के चलते नगर निगम का रोजाना पानी की सप्लाई का फार्मूला फेल हो गया है।
मीटिंग में ही आ गया मेसेज, लाइट चली गई है, पंपिंग बंद करनी पड़ी
शनिवार को सचिवालय में बैठक के दौरान एक अफसर के मोबाइल पर मेसेज आया, ‘सर लाइट चली गई है, पंपिंग बंद करनी पड़ रही है।’ अफसर ने आईपीएच मंत्री को स्थिति से अवगत करवाया। मंत्री ने बिजली बोर्ड के अफसरों को मनमाने तरीके से शट डाउन न लेने को लेकर चेताया, कहा कि अपरिहार्य स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के बाद ही शटडाउन लिए जाएं।
एमसी पर निशाना, जिम्मेदारी ली है तो निभाओ भी
आईपीएच मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि नगर निगम ने शहर के लिए पानी की पंपिंग से लेकर वितरण तक का काम संभालने की जिम्मेदारी खुद आगे आकर ली है। अब निगम को सही से जिम्मेदारी संभालनी भी चाहिए। स्टोक्स ने कहा कि अगर लीकेज के कारण दिक्कत पेश आ रही है तो नगर निगम लीकेज दुरुस्त करे। चाहे तो इसके लिए सरकार से पैसा मांग ले।