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मंत्रीजी ने सुनाई 1997 की आपबीती- वीरभद्र के कहने पर जब बरसाए थे लात घूंसे

Tue, 27 Mar 2018 09:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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कांग्रेस विधायकों के वाकआउट के बाद सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह खड़े होकर आपबीती सुनाने लगे। उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर, 1997 में हिमाचल में वीरभद्र सिंह की सरकार थी। उस समय वे कांग्रेस के विधायक थे।

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वीरभद्र सिंह धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। सीएम की सभा थी। मंच लगा था। वे वीरभद्र सिंह से एक सीट छोड़कर मंच पर बैठे थे। उन्होंने सीएम से कहा - दो शब्द बोलकर मुझे जनता की बात रखनी है।

इस पर सीएम ने एसपी को आदेश दिए कि इन्हें गिरफ्तार करो। मुझे मंच से उठाया गया और मंच से 8 फुट नीचे फेंका गया। पुलिस ने लात-घूंसे बरसाए। 

सुंदरनगर थाने के बजाय मुझे सरकाघाट थाने में बंद किया। उसके बाद बताया गया कि आपकी बेल होनी है, लेकिन बेल करने के बजाय मंडी थाने में शिफ्ट किया गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने कहा- हम मजबूर हैं, नौकरी है।
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जब सीएम धर्मपुर विस क्षेत्र में हैं, तब तब आपको आसपास न फटकने देने की बात कही गई है। पत्नी और बेटी को भी पुलिस ने अरेस्ट कर दिया। वीरभद्र सिंह को धर्मपुर से लौटने के बाद मुझे बेल मिली।

मकड़झंडू तक के शब्दों का हुआ प्रयोग

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज बोले- विपक्ष यह भूल गया कि जब वह सत्ता में थे तो भाजपा विधायकों के लिए मकड़झंडू शब्दों का प्रयोग किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तो भाजपा विधायक की तुलना नगर निगम के सफाई कर्मचारियों से भी कर डाली थी। 

कंवर बोले- सरकारी नहीं, पार्टी का था कार्यक्रम
पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि ऊना में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कार्यक्रम सरकारी नहीं, बल्कि पार्टी का कार्यक्रम था। लोगों के आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री ने ऊना में घोषणाएं की हैं।
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झंडे के नीचे लिख दिए हारे-नकारे लोगों के नाम

कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि ऊना में जहां राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया, उसके ठीक नीचे हारे और नकारे हुए लोगों के नाम लिख दिए। इससे बड़ा मजाक क्या हो सकता है? 

रामलाल कर रहे मुकेश की बराबरी 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, विधायक रामलाल ठाकुर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री की बराबरी कर रहे हैं। कांग्रेस विधायकों में आपसी तालमेल नहीं है।

एक बोलता है तो दूसरा बाहर जाने लगता है। कभी बाहर जाते हैं तो कभी अंदर आते हैं। यह उनका आपसी मामला है।
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