इसके बाद पूछा गया कि 200 करोड़ रुपये निवेश करने वाले निवेशक प्रश्न पूछें। इस पर एक निवेशक ने हाथ खड़ा किया। निवेशक ने जमीन से संबंधित प्रश्न किया। लेकिन, उससे जब पूछा गया कि वह कितना निवेश करेंगे तो बताया गया कि वह करीब 10 करोड़ रुपये तक निवेश कर सकते हैं। पीएम के सम्मेलन में भाजपा के नेताओं की ज्यादा एंट्री होने के चलते कुछ छोटी कंपनियों के कई निवेशकों को कुर्सी पर जगह ही नहीं मिल पाई। इन्हें किनारों पर खड़ा होना पड़ा। बड़े निवेशकों की कुर्सी तो रिजर्व थी लेकिन छोटे निवेशकों के लिए व्यवस्था चरमरा गई।
भीड़ के चलते कुछ निवेशकों को गेट में एंट्री ही नहीं मिल पाई। बोर्ड-निगमों के चेयरमैन और कुछ नेता अग्रिम पंक्तियों में बैठ गए। हालांकि, बाद में कुछ भाजपा नेताओं को अग्रिम से उठाकर कुछ निवेशकों को बिठाने की कोशिश की गई। यही अव्यवस्था वीआईपी डाइनिंग हॉल में भी दिखी। कई निवेशक हाथ में प्लेट लेकर लंबी लाइनों में खाना खाने के लिए खड़े रहे। कई निवेशकों ने खाना नहीं खाया। भीड़ के चलते केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खाना नहीं खाया। हालांकि, डीजीपी एसआर मरडी ने उन्हें मनाने की कोशिश की।