सरकार के गले की फांस बन चुके वर्ष 2015 के बाद भर्ती हजारों पुलिस कांस्टेबलों को संशोधित पे बैंड देने के मुद्दे को आधिकारिक रूप से सरकार के पास भेजने के लिए पुलिस मुख्यालय में गठित कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। कमेटी के पास अब तक करीब सौ से ज्यादा प्रस्ताव पहुंचे हैं। इनका अध्ययन कर कमेटी पुलिस एक्ट, रूल और सरकार के निर्देशों और पुरानी व्यवस्थाओं के अनुसार सिफारिश करेगी। इसमें अन्य विभागों और प्रदेशों में अपनाई जाने वाली नीतियों का भी अध्ययन किया जाएगा। कमेटी को एक हफ्ते के भीतर यह सभी काम कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
बता दें, 24 नवंबर से पुलिस कर्मी मेस के बहिष्कार पर अड़े हैं। 28 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सैकड़ों नाराज पुलिस कर्मियों ने अपनी मांग तक रख दी, लेकिन तब भी पुलिस मुख्यालय हरकत में नहीं आया। रविवार को बिलासपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने कांस्टेबलों के परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस मुख्यालय की नींद टूटी और आननफानन में उसने आईजी सीटीएस आनंद प्रताप सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में सिंह के अलावा आईजी एडमिन डीके यादव, आईजी एपीएंडटी जेपी सिंह और पीएचक्यू के उप वित्त नियंत्रक विकास गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।