समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने बताया की क्या सैकड़ों दौरे करने के बाद भी कहीं कोई खामी नहीं पाई गई। टूअर करने के बाद उसकी रिपोर्ट क्यों नहीं बनाई गई। इससे साफ है नियमों को दरकिनार किया गया है। इस संबंध में समिति राज्य सरकार और एनजीटी को साक्ष्यों सहित शिकायत भेज रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बिलासपुर कार्यालय से यह जानकारी पत्र संख्या पीसीबी/बीएलपी(46) आरटीआई एक्ट 2005/वीओएल-11/2019-408,409,410,411,412, 413 दिनांक 06.05.2019 को दी गई है।
ये होते हैं सरकारी नियम
नियम अनुसार जब कोई भी अधिकारी टूअर पर जाता है तो उसे टूअर रिपोर्ट तैयार करनी होती है। मौके पर क्या निरीक्षण किया, मौके पर क्यों गए थे, वहां क्या खामिया पाई गई, पूरे मामले पर क्या कार्रवाई की गई और गाड़ी कितने किमी चली। सब दर्शाना होता है, लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।