प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में सेवारत एक अधिकारी के खिलाफ स्कूल प्रधानाचार्य से दुर्व्यवहार करने और स्कूल में छेड़छाड़ की पीड़ित छात्रा के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। विभाग ने संबंधित शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जांच बैठा दी है। संयुक्त निदेशक शिक्षा शिमला ने इस मामले की जांच के लिए प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर को आदेश जारी किए हैं।
इस मामले की शिक्षा निदेशक शिमला को हमीरपुर जिला में सेवारत दो स्कूल प्रधानाचार्यों ने अलग-अलग शिकायतें भेजी थीं। हालांकि, संबंधित शिक्षा अधिकारी के खिलाफ लगे आरोप वर्ष 2018 के हैं। जिसकी जांच अब शुरू हुई है। बीते साल रावमापा कन्या हमीरपुर में सेवारत प्रधानाचार्य जोगिंद्र पाल जीर के तबादला आदेश मंडी जिले के रावमापा ह्यून पेड़ से उप जिला शिक्षा अधिकारी हमीरपुर के पद पर हुए थे।
बाद में तबादला आदेश में संशोधन होने के चलते वह इस पद पर ज्वाइनिंग नहीं दे पाए। जोगिंद्र पाल ने उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में उनके साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। बाद में उन्हें रावमापा कन्या हमीरपुर में ज्वाइन करना पड़ा। इसी तरह जिला हमीरपुर के एक सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था।
संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी इस मामले में लापरवाही के आरोप लगाते हुए शिकायत निदेशक शिक्षा विभाग से की थी। शिमला से आदेश मिलने के बाद शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर ने शिकायतकर्ताओं और संबंधित शिक्षा अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए।
उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में सेवारत शिक्षा अधिकारी पर लापरवाही बरतने और प्रधानाचार्य से दुर्व्यवहार करने के आरोप मामले की जांच रिपोर्ट को अब उपनिदेशक ने शिक्षा निदेशक शिमला को भेज दिया है।
अब निदेशालय से ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर कुलदीप कुमार ने बताया कि शिमला स्थित शिक्षा निदेशालय से उन्हें जांच के आदेश मिले थे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों का पक्ष जानने के बाद जांच रिपोर्ट को शिमला भेज दिया है।