हिमाचल की वर्तमान साक्षरता दर 99.30 फीसदी है। इस कार्यक्रम तहत केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार जिस राज्य की साक्षरता दर 95 प्रतिशत होगी उसे पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाता है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शेष 56,960 निरक्षरों को साक्षर बनाने की नई योजना का भी एलान किया। इस मौके पर भारत सरकार के शिक्षा सचिव संजय कुमार का ऑनलाइन संदेश भी सुनाया। राष्ट्रीय स्तर पर साक्षरता दर जहां 80.9 फीसदी है, वहीं हिमाचल ने 99 फीसदी का आंकड़ा पार कर देश के शीर्ष साक्षर राज्यों की सूची में खुद को अग्रणी बना लिया है।
साक्षरता दर बढ़ाने को लगातार जारी रहे अभियान
शिक्षा विभाग की ओर से मंत्रालय को भेजे गए पत्र में बताया गया कि राज्य की कुल अनुमानित जनसंख्या 75.05 लाख है। इसमें से केवल 56,960 व्यक्ति अब भी निरक्षर हैं। इस आधार पर राज्य की साक्षरता दर 99.02 फीसदी हो चुकी है, जो केंद्र की ओर से परिभाषित 95% की पूर्ण साक्षरता की कसौटी से कहीं अधिक है। 2011 जनगणना के अनुसार साक्षरता दर 82.80% थी। उल्लास योजना में 2023-25 के बीच 43,885 व्यक्ति साक्षर हुए। पढ़ना लिखना अभियान में 2022 में एक लाख व्यक्ति साक्षर हुए। साक्षर भारत योजना में 2017 के तहत 67,500 व्यक्ति साक्षर हुए।
अन्य राज्यों से तुलना
साक्षरता दर (%) विशेष स्थिति
हिमाचल 99.02 पूर्ण साक्षर बनने की दहलीज पर
मिजोरम 98.2 पहले ही पूर्ण साक्षर घोषित
लक्षद्वीप 97.3 शीर्ष संघ शासित क्षेत्र
त्रिपुरा 95.6 हाल ही में पूर्ण साक्षर बना
केरल 95.3 लंबे समय से शीर्ष पर
गोवा 93.6 बेहतर शहरी शिक्षा नेटवर्क