कुल्लू दशहरा में पहुंचे देवी-देवता।
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मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि दशहरा में पहली बार मलयेशिया, रूस, साउथ अफ्रीका, कजाकिस्तान, रोमानिया, वियतनाम, केन्या, श्रीलंका, ताइवान, किरगीस्तान, इराक और अमेरिका के सांस्कृतिक दल प्रस्तुति देंगे। वहीं, पहली सांस्कृतिक संध्या में पार्श्व गायक साज भट्ट, दूसरी में पंजाबी गायिका सिमर कौर, तीसरी में यूफोनी बैंड, लमन बैंड, चौथी में पंजाबी गायक शिवजोत, पांचवीं में जसराज जोशी, छठी में पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर, हारमनी ऑफ द पाइन्स के कलाकार आकर्षण रहेंगे। अंतिम संध्या में लोक कलाकार रमेश ठाकुर, कुशल वर्मा, लाल सिंह, खुशबू भारद्वाज, ट्विंकल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
भगवान कार्तिक स्वामी व अन्य देवता।
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मनाली के सिमसा गांव के भगवान कार्तिक स्वामी अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में लगभग 32 साल बाद पहुंचे हैं। मंगलवार सुबह राज महल में जाकर देवता ने प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद देवता ढालपुर में अपने अस्थायी शिविर में विराजमान हुए। कुल्लू दशहरे में हर वर्ष 300 से ज्यादा देवी-देवता पहुंचते हैं। इसमें कुल्लू, मनाली, आनी, बंजार के देवी-देवता भाग लेते हैं।
इस वर्ष मनाली के सिमसा गांव के कार्तिक स्वामी तीन दशकों के बाद कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल हुए हैं। जिला कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ने बताया कि कार्तिक स्वामी कुल्लू दशहरा में शिरकत कर रहे हैं। कार्तिक स्वामी सिमसा के कारदार युवराज ठाकुर ने कहा कि उनके आराध्य देव 32 साल के बाद कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग लेने से कारकूनों और देवलुओं में उत्साह का माहौल है।
भगवान रघुनाथ के सम्मान में वर्ष 1660 से अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। रथयात्रा के लिए ढालपुर आने से पहले भगवान रघुनाथ की पूजा-अर्चना की गई। देवताओं के इस महाकुंभ में 332 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया था। करीब 300 देवी-देवताओं के उत्सव में शामिल होने की उम्मीद है।