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पुलिस मुख्यालय को सिर्फ महिला अधिकारी को आईसीसी का अध्यक्ष बनाने के निर्देश

Sat, 15 May 2021 10:31 AM IST
Krishan Singh प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला

सार

एक महिला पुलिस कर्मी ने राजधानी शिमला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और प्रवीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। 
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राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डेजी ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पर एक महिला पुलिस कर्मी की ओर से यौन उत्पीड़न के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग भी हरकत में आ गया है। आयोग ने मामले में आरोपी पुरुष अधिकारी के यौन उत्पीड़न मामलों की जांच करने वाली कमेटी के चेयरमैन बनाए जाने पर हैरानी जताई है।

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आयोग की अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने छुट्टी के दिन फोन पर आला अधिकारियों से मामले में जानकारी ली और पुलिस मुख्यालय से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी कार्यालयों में गठित कमेटी का अध्यक्ष किसी महिला अधिकारी को ही बनाया जाए। अगर उस कार्यालय में महिला अधिकारी नहीं है तो किसी अन्य कार्यालय या विभाग की महिला अधिकारी को अध्यक्ष बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है।

एसपी स्तर की एक अधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी अलग से जांच कर रही है। ऐसे में उसकी जांच के बाद आयोग आगे की कार्यवाही तय करेगा। बता दें, एक महिला पुलिस कर्मी ने राजधानी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीर ठाकुर के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और प्रवीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। 
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दूसरे दिन भी पुलिस मुख्यालय मौन, आईसीसी ने शुरू की जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय दूसरे दिन भी मौन रहा। मुख्यालय की ओर से कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि आखिर मामले की जांच किसे दी गई है। दरअसल, एसपी शिमला ने शिकायतकर्ता, आरोपी अधिकारी और गवाहों के शिमला जिले में ही तैनात होने का हवाला देते हुए पारदर्शी जांच के लिए मामला सीआईडी को सौंपने की सिफारिश की है।

पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। माना जा रहा है कि चूंकि सीआईडी के पास पहले ही कई गंभीर मामलों की जांच लंबित है। ऐसे में इस मामले को एक जांच कमेटी गठित कर दिया जा सकता है, जिसकी अध्यक्षता किसी महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी जा सकती है। फिलहाल, इस मामले में शनिवार को वर्क फ्रॉम होम वाले दिन निर्णय हो सकता है। बता दें मामले में यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए विभाग के स्तर पर गठित इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) ने जांच शुरू कर दी है।

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