हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आई रैगिंग की शिकायत मामले को लेकर शनिवार को विश्वविद्यालय एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। कमेटी की अध्यक्ष व अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा की अध्यक्षता में दोपहर ढाई बजे हुई इस बैठक में सिर्फ रैगिंग का आरोपी छात्र ही पेश हुआ।
शिकायतकर्ता छात्र पूर्व सूचना के बावजूद कमेटी के सामने नहीं आया, जिससे दोनों के ही बयान दर्ज नहीं हो सके। अब मामला सोमवार तक टल गया है। एंटी रैगिंग कमेटी ने हालांकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर बयान लिए।
जिसमें कमेटी को फिलहाल मामला रैगिंग का न होकर आपसी रंजिश का ही प्रतीत हो रहा है। बावजूद इसके कमेटी ने शिकायतकर्ता प्रथम सेमेस्टर के छात्र को सोमवार को कमेटी के समक्ष पेश होने को कहा है।
कमेटी ने शनिवार को आरोपी पांचवें सेमेस्टर के छात्र, प्रत्यक्षदर्शी छात्राओं के अलावा कुछ विधि विभाग की फ्रेशर्स वेलकम के दौरान आपस में हुई कहासुनी और विधि विभाग के बाहर 22 सितंबर को हुई कहासुनी में शामिल और मौजूद छात्रों से भी पूछताछ की।
शिकायतकर्ता प्रथम सेमेस्टर के छात्र के न आने पर छानबीन रुक गई है। कमेटी की अध्यक्ष और विधि विभागाध्यक्ष ने हालांकि स्वयं शिकायतकर्ता छात्र के मोबाइल पर कॉल करने का प्रयास किया, जो लगातार बंद पाया गया। एंटी रैगिंग कमेटी में विधि विभाग चेयरमैन व डीन प्रो. कं वलजीत, प्रो. ममता मोक्टा, चीफ वार्डन प्रो. वीना शर्मा, यूसीबीएस के अध्यक्ष प्रो. एसएस नारटा शामिल थे।
फिलहाल नहीं लग रहा रैगिंग का मामला
विवि की अधिष्ठाता अध्ययन व एंटी रैगिंग कमेटी अध्यक्ष प्रो. गिरिजा शर्मा ने माना कि ये मामला रैगिंग का न होकर आपसी रंजिश का ही लग रहा है। शिकायतकर्ता छात्र पूर्व सूचना के बावजूद कमेटी के सामने पेश नहीं हुआ है। उसे सोमवार को पेश होने का एक मौका दिया है। दोनाें पक्षो ंके बयान दर्ज होने के बाद ही इस मामले पर कमेटी अपने स्तर पर जांच पूरी कर कोई निर्णय दे पाएगी।